वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट पर काम शुरू,उद्योगजगत प्रतिनिधियों के सुझाव

स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने के सुझाव

  • देश में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट पर काम शुरू हो गया है।
  • वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को इस बारे में उद्योगजगत के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात कर उनके सुझाव जाने।
  • उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सरकार से आने वाले साल में स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने के सुझाव दिए।
  • साथ ही उन्होंने ये भी मांग की 3-4 सरकारी बैंकों को छोड़कर बाकी में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचकर 50 फीसदी से नीचे ले आए।
  • कंफडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज यानि सीआईआई की तरफ से सरकार को विनिवेश के जरिए राजस्व बढ़ाने की दिशा में सुझाव दिए गए हैं।
  • सीआईआई के प्रेसिडेंट उदय कोटक ने वित्तमंत्री से मांग की कि बजट में देश की जीडीपी ग्रोथ बढ़ाने के साथ साथ राजकोषीय प्रबंधन पर भी सरकार का फोकस होना चाहिए।
  • इसके लिए बजट में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाने और रोजगार के मौके उपलब्ध करने के लिहाज से समर्थन देने जैसे अहम क्षेत्रों का समाधान करने वाला उपाए होने चाहिए।
  • उन्होंने ये भी मांग की कि अगले 1 साल में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक जैसे 3-4 बैंकों को छोड़कर बाकी में सरकार को अपनी हिस्सेदारी बेचकर 50 फीसदी से नीचे लानी चाहिए।

वित्तीय क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिदियों के साथ अगले दौर की बैठक में बजट पर मंथन

  • इसी तरह प्रमुख क्षेत्रों को कर्ज मुहैया करने के लिए एक डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन्स की स्थापना की मांग की गई।
  • साथ ही ये भी सुझाव दिया गया है कि घाटे में चलने वाले या मुनाफे वाले सभी तरह के पीएसयू में सरकार को अपनी हिस्सेदारी बेचकर या अतिरिक्त जमीन को लीज पर देकर धन जुटाने की कोशिश करनी चाहिए।
  • सरकार को वित्तीय फ्रॉड को लेकर एक खास एजेंसी बनाने का भी सुझाव दिया गया है। सीआईआई की तरफ से मांग की गई है कि सरकार के एक मार्केट इंडेलिजेंस यूनिट बनानी चाहिए जिससे वित्तीय फ्रॉड का शुरू में ही अंदाजा लगाया जा सके।
  • अगले दौर की बैठक में मंगलवार को वित्तीय क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिदियों और बुधवार को शेयर बाजार के हितधारकों के साथ बजट पर मंथन किया जाएगा।