विश्व जल दिवस आज राजस्थान के बीकानेर में पानी की चौकसी

270 किमी क्षेत्र की निगरानी में जुटे इंदिरा गांधी नहर के इंजीनियर

  • आज विश्व जल दिवस है और राजस्थान के बीकानेर में पानी की चौकसी की जा रही है।
  • यहां पांच जिलों के एसपी, 14 थानों की पुलिस, 70 आरसी जवान, एक मुख्य अभियंता, एक दर्जन एसडीएम, सात अधीक्षण अभियंता समेत सिंचाई विभाग के दर्जनों इंजीनियर बीकानेर की इंदिरा गांधी नहर के करीब 270 किमी क्षेत्र की निगरानी में जुटे हुए हैं। 
  • यहां पानी की चौकसी इसलिए की जा रही है क्योंकि छह मार्च से सिंचाई का पानी बंद हो गया है। अब 70 दिन की नहरबंदी की जाएगी।
  • ऐसा बताया जा रहा है कि अब नौ जिलों के डेढ़ करोड़ लोगों की प्यास बुझाने के लिए छह मार्च से 28 अप्रैल तक सिर्फ पीने का पानी चलेगा।

पानी की चोरी का डर

  • पुलिसकर्मियों की ओर से पानी की चौकसी इसलिए भी की जा रही है ताकि पानी की चोरी ना की जा सके। जिन किसानों की फसलें अभी खड़ी हैं, उनमें भी पानी की चोरी का डर है।
  • आमतौर पर एक नल के एक मिनट तक खुले रहने से पांच लीटर पानी बर्बाद होता है। अगर शॉवर को एक मिनट तक चलता छोड़ा जाए तो दस लीटर पानी खर्च होता है।
  • इसके अलावा टॉयलेट में फ्लश चलाने पर 15 लीटर पानी खत्म होता है।
  • वहीं तीन से पांच मिनट तक ब्रश करने पर 25 लीटर, 15-20 मिनट के शॉवर में 50 लीटर और बर्तन धोने में नल खुला रखने पर 20-40 लीटर पानी बर्बाद होता है।
  • अगर पानी की बर्बादी को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा तो इसके दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं।