video: सामने आया बेंगलुरु हिंसा का चश्मदीद, कहा- जनता की ही गलती थी

कर्नाटक के बेंगलुरु में हाल में हुई हिंसा से बवाल मचा हुआ है। इस बीच डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन के बर्बरता के चश्मदीद गवाह  शरीफ ने बयान दर्ज कराया हैं। वे कहते हैं, “हम सिविल डिफेंस से हैं और पुलिस की सुरक्षा के लिए आए थे। यह जनता की गलती थी। पुलिस स्टेशन मेरे मंदिर, मेरी मस्जिद की तरह है।

बता दें कि कनार्टक के बेंगलुरु में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पैगंबर पर एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर हिंसा भड़कने के बाद पुलिस पर पथराव और आगजनी कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गयी।

वहीं एक एसडीपीआई नेता मुजामिल पाशा को डीजे होली पुलिस स्टेशन हिंसा (बेंगलुरु में) के संबंध में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।  आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि मंगलवार रात एक समुदाय विशेष के लोग सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद के बारे में भड़काऊ पोस्ट डालने के लिए कांग्रेस विधायक पुलकेशी नागर के एक रिश्तेदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर केजी हल्ली थाने के पास एकत्रित हुए। वे लोग अपनी मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे और उन्होंने विधायक के मकान पर पथराव किया तथा आसपास खड़े वाहनों को आग लगा दी। 

यहां पुलिस ने हिंसक विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसके तुरंत बाद भीड़ ने थाने में घुसकर पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। सूत्रों ने बताया कि भीड़ को शांत करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन वे भी भीड़ का निशाना बन गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने विधायक के रिश्तेदार को आपत्तिजनक पोस्ट के लिए गिरफ्तार कर लिया है और 150 से अधिक लोगों को समाज की शांति और सछ्वाव बिगाड़ने के लिए गिरफ्तार किया गया है।