उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के समर के बीच राजनीतिक पारा चढ़ा

मौसम की स्थिति को देखते हुए मतदाताओं के लिए उचित व्यवस्था

  • प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समर के बीच राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। मतदान के लिए अब महज 4 दिन का समय बचा हुआ है। ऐसे में राजनीतिक दलों और तमाम प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। चुनावी प्रचार चरम होने के बीच मौसम का बदला मिजाज खलल डाल रहा है।
  • इससे प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्याशियों का कहना है कि चुनाव आयोग को मौसम की स्थिति को देखते हुए मतदाताओं के लिए कोई उचित व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि सभी अपने मत का प्रयोग कर सकें।
  • मौसम ने इस बार चुनाव प्रचार में काफी बाधा उत्पन्न की है। हम फिर भी दूरदराज के गांवों तक अपनी बात पहुंचाने में सफल रहे हैं। चुनाव आयोग को मौसम की स्थिति को देखते हुए मतदाताओं के लिए कोई उचित व्यवस्था करनी चाहिए। 
  • रामगढ़ सहित पूरे इलाके में बर्फबारी से लोगों को दिक्कतें हुई हैं। मैं और मेरी टीम इसके बावजूद गांव-गांव जाकर संपर्क कर रहे हैं जनता भी  भरपूर उत्साह दिखा रही है। मतदान में तब्दील करने को निर्वाचन अधिकारियों को कोई बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए। 

11 फरवरी से राज्य में बारिश और बर्फबारी की संभावना

  • बारिश के कारण चुनाव प्रचार में दिक्कत आ रही है, पर मतदाताओं का उत्साह भाजपा के पक्ष में है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से मतदान करने की अपील की है। चुनाव आयोग को बारिश को देखते हुए अपनी एडवांस तैयारियां करनी चाहिए।
  • मतदान केंद्र तक मतदाता को पहुंचाना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। किन्हीं विशेष परिस्थितियों में अगर मतदाता पोलिंग बूथ पर पहुंचने में असमर्थ है तो निर्वाचन आयोग से परमिशन लेकर मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचाने का काम करेंगे। 
  • उत्तराखंड में मतदान के दिन मौसम भी साथ देगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 फरवरी से राज्य में बारिश और बर्फबारी की संभावना नहीं है।
  • पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो मतदान में मौसम के कारण किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी। उत्तराखंड में आचार संहिता लगने के बाद से मौसम पल-पल रंग बदल रहा है। कभी कड़ाके की ठंड पड़ रही है तो कभी बारिश से भीषण बर्फबारी हो रही है।