उत्तर प्रदेश: जल संचयन और संवर्धन’ अभियान में बांदा जिला टॉप पर

डीएम अनुराग पटेल को पुरस्कार देकर सम्मान

  • पूरे उत्तर प्रदेश में ‘जल संचयन और संवर्धन’ अभियान में बांदा जिला टॉप पर रहा. CM योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए भूजल कार्यक्रम के दौरान बांदा के डीएम अनुराग पटेल को पुरस्कार देकर सम्मानित किया.
  • भूजल कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे. इसके साथ ही ‘खेत पर मेड़-मेड़ पर पेड़’ विधि के जनक उमाशंकर पांडेय को भी सम्मानित किया गया.
  • बता दें कि पूरे प्रदेश में 16 जुलाई से 22 जुलाई तक भूजल सप्ताह मनाया गया. लखनऊ में 22 जुलाई को इसे लेकर समापन समारोह रखा गया, जहां सीएम योगी ने बांदा के डीएम अनुराग पटेल को जल संचयन और जल संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया. उल्लेखनीय है कि बांदा में 22 अप्रैल से ही डीएम के निर्देश पर जिले के तालाबों की साफ-सफाई को लेकर काम शुरू कर दिया गया था.
  • जिले की 2 प्रमुख नदियां गहरार और चंद्रायल सूख गई थीं. कई जगह नदियों का पानी नाले में जाकर भी मिल रहा था. उन्हें डीएम अनुराग पटेल ने लोगों की मदद से फिर से पानीदार बनाने का प्रयास किया. गंदे नालों की सफाई करवाई गई. तालाबों से जलकुंभी को हटाया गया. उनका यह प्रयास रंग भी लाया, जिससे जिले में कुछ हद तक पानी की समस्या कम हुई है.
  • यहां तक कि डीएम अनुराग इस काम के लिए खुद ही तालाबों की सफाई करते हुए भी दिखे. इसके अलावा जिले की इकलौती झील मरौली से कब्जों को भी हटाया गया. 75 तालाबों को अभियान के तहत साफ किया गया.
  • CM योगी द्वारा दिये गए सम्मान से खुश होकर डीएम अनुराग पटेल ने ‘Aajtak’ को बताया कि बांदा को ‘जल संचयन और संवर्धन अभियान’ में एक नहीं, दो पुरुस्कार मिले हैं. यह जिले वासियों के लिए बड़ी बात है.
  • पहला पुरस्कार जिले में जल संचयन के लिए जिला प्रशासन को, तो दूसरा बांदा के ‘खेत पर मेड़-मेड़ पर पेड़’ के लिए उमाशंकर पाण्डेय को पुरस्कार दिया गया है.
  • इसके अलावा प्रदेश में अन्य क्षेत्रों में कई अन्य लोगों को भी पुरस्कृत किया गया है. डीएम अनुराग ने कहा, ‘मैं जिले में पानी की समस्या खत्म का प्रयास कर रहा हूं. जिले में गहरार नदी, चंद्रायल नदी, मरौली झील सहित 75 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिसके चलते CM योगी ने सम्मान दिया है. ये अभियान आगे भी चलता रहेगा.”