रिलायंस कंपनी व मुकेश अंबानी पर 40 करोड़ रुपए का जुर्माना

गलत तरीके से खरीद-बिक्री

गौरतलब है कि रिलायंस पेट्रोलियम का 2009 में रिलायंस इंडस्ट्रीज में विलय कर दिया गया था। सेबी ने 95 पेज के ऑर्डर में कहा है कि शेयरों की कीमत में किसी भी तरह के मैनिपुलेशन से बाजार में निवेशकों का भरोसा टूटता है, क्योंकि इस तरह के मैनिपुलेशन से निवेशकों को नुकसान होता है।

  • सेबी के अनुसार, इस मामले में आम निवेशकों को यह नहीं मालूम था कि शेयरों की इस खरीद-बिक्री के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज थी।
  • यह खरीद-बिक्री गलत तरीके से की गई, जिसका असर रिलायंस पेट्रोलियम के शेयरों पर हुआ। इससे आम निवेशक नुकसान में रहे।

सेबी ने देश की सबसे बड़ी कंपनी पर लगाया जुर्माना

  • शेयर बाजार के नियामक सेबी ने देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और इसके चेयरमैन मुकेश अंबानी पर 40 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 25 करोड़ रुपए और मुकेश अंबानी पर 15 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
  • मामला रिलायंस पेट्रोलियम के शेयरों की ट्रेडिंग से जुड़ा है। इसी मामले में नई मुंबई एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड पर 20 करोड़ और मुंबई एसईजेड लिमिटेड पर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। रिलायंस पेट्रोलियम पहले अलग लिस्टेड कंपनी थी।
  • मार्च 2007 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिलायंस पेट्रोलियम के 4.1 फीसदी शेयर बेचने का ऐलान किया था। कंपनी के शेयर भाव गिरने लगे तो नवंबर 2007 में रिलायंस पेट्रोलियम के शेयर खरीदे-बेचे गए। 
  • सेबी ने जांच में पाया कि शेयरों के दाम प्रभावित करने के लिए यह खरीद-बिक्री गलत तरीके से की गई थी।