उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं

कैसे यह घटना इतनी बड़ी जल प्रलय में तब्दील

  • सैटेलाइट उत्तराखंड के जोशीमठ के पास रिज-लाइन की प्राकृतिक आपदा के पहले और बाद की तस्वीरें हैं।
  • यह वह स्थान है जहां से बर्फ और मलबा ढहकर धौलीगंगा की संकरी तेज बहाव वाली नदी घाटी में गिरा था। यह नदी अलकनंदा नदी में जाकर मिलती है।
  • इसमें से पहली तस्वीर 6 फरवरी की है जिसमें रिज लाइन साफ दिखाई दे रही है। जबकि दूसरी तस्वीर इसके दूसरे दिन 7 फरवरी की है जो कि आपदा के कुछ ही समय बाद ली गई है।
  • इसमें बर्फ और रिज-लाइन का विशाल क्षेत्र दिखाई दे रहा है। बर्फ के नदी-घाटी में स्खलन के प्रभाव से बहा मलबा भी 7 फरवरी की छवि में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

26 लोगों की जान चली गई और लगभग 200 लोग अब तक लापता

  • उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने की वजह से धौलीगंगा नदी में आई जल प्रलय के कारण अब तक करीब 26 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • इसके साथ ही 197 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस प्रलय में तपोवन और रैणी गांव के आसपास का इलाका पूरी तरह से बर्बाद हो गया है।
  • अब इस प्रलय के पहले और बाद की ग्लेशियर की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। इनमें देखा जा सकता है कि कैसे यह घटना इतनी बड़ी जल प्रलय में तब्दील हुई।
  • हिमस्खलन से मलबे के बहने की घटना के बाद एक ग्लेशियर फटने की रिपोर्ट आई थी। इस प्राकृतिक आपदा से थोड़ी ही दूर पर स्थित दो हाइडल पावर प्लांट नष्ट हो गए। इस प्राकृतिक घटना में 26 लोगों की जान चली गई और लगभग 200 लोग अब तक लापता हैं।