आरबीआई ने रद्द किया इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस

RBI cancels Independence Co-operative Bank’s licence: DICGC के नियम

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महाराष्ट्र स्थित इंडिपेंडेंस कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Independence Co-operative Bank Ltd) का लाइसेंस रद्द कर दिया है।
  • साथ ही आरबीआई ने कमिश्नर ऑफ को-ऑपरेशन और रेजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज, महाराष्ट्र से बैंक को बंद करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि नासिक स्थित इंडिपेंडेंस कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को ‘बैंकिंग’ का व्यवसाय करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
  • आरबीआई ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। लिक्विडेशन पर हर जमाकर्ता को डीआईसीजीसी अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अधीन डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी निगम (DICGC) के नियमों के मुताबिक 5,00,000 रुपये तक की जमा राशि लौटा दी जाएगी।
  • दरअसल इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बैंकिग नियमन अधिनियम, 1949 की जरूरतों का अनुपालन करने में विफल रहा है। बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 99 फीसदी से ज्यादा जमाकर्ता डीआईसीजीसी से अपनी जमा राशि की पूरी राशि प्राप्त करने के हकदार हैं। यानी इंडिपेंडेंस कोऑपरेटिव बैंक रद्द होने से उसके सिर्फ 1 फीसदी ग्राहक ही प्रभावित होंगे।
  • आरबीआई ने कहा कि 27 जनवरी 2022 तक, इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की ओर से 2.36 करोड़ रुपये ग्राहकों को लौटा दिए हैं। बाकी बचे ग्राहकों के पैसे लौटाने की प्रक्रिया भी जारी है और जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।