शादी में 50, अंतिम यात्रा में 20, लेकिन राम मंदिर भूमि पूजन में 200 लोगों को इजाजत! पीएम नरेंद्र मोदी भी पहली बार जाएंगे अयोध्‍या

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को पहली बार जब अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य के लिए उद्घाटन समारोह में पहुंचेंगे, तो यह शहर में मंदिर स्थल का उनका पहला दौरा होगा। पीएम मोदी को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम में बुलाया गया है। ट्रस्ट के ट्रेजरर स्वामी गोविंद देव गगिरी और अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तरफ से कहा गया है कि इस कार्यक्रम में 200 से ज्यादा लोगों को जुटने नहीं दिया जाएगा।

गौरतलब है कि कोरोनावायरस के बीच देशभर में लोगों के बड़ी संख्या में जुटने पर रोक है। केंद्र सरकार की ओर से इस महीने की शुरुआत में ही अनलॉक-2 की जो गाइडलाइंस जारी की गई थीं, उनमें मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग को अहम नियम बनाया गया था। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर लोगों के इकट्ठा होने पर भी प्रतिबंध है। इस बीच पीएम मोदी के कार्यक्रम में 200 लोगों के इकट्ठा होने की बात अपने आप में गाइडलाइंस पर सवालिया निशान लगाती हैं।

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ किया था कि सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाली भीड़ और बड़े समारोह अनलॉक में पूरी तरह बैन रहेंगे। यहां तक की शादी से जुड़े कार्यक्रमों में भी लोगों के जुटने की अधिकतम सीमा 50 रखी गई है। दूसरी तरफ कोरोनाकाल में मरने वाले लोगों की अंतिम यात्रा में भी इकट्ठा होने वाले लोगों की संख्या 20 पर सीमित कर दी गई है। हालांकि, अयोध्या में कार्यक्रम के लिए 200 लोगों की अनुमति पर अब तक प्रशासन ने हामी भरी है या नहीं, यह साफ नहीं है।

स्वामी गोविंद देव गिरी के मुताबिक, राम मंदिर के लिए भूमि पूजन का काम दोपह में शुरू होगा और इससे पहले पीएम हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके अलावा वे रामलला विराजमान के अस्थायी मंदिर को भी देखने जाएंगे। स्वामी गिरी ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए कार्यक्रम में सिर्फ 200 लोगों को बुलाया गया है। इनमें 150 आमंत्रित हैं, जिन्हें भूमि पूजन में शामिल होने का मौका मिलेगा। बताया गया है कि भूमि पूजन का मुहुर्त 5 अगस्त को दोपहर 12.15 बजे सिर्फ 32 सेकंड के लिए ही आएगी।