Budget 2022-23 : पीएम गति शक्ति परियोजना बुनियादी ढांचे को एक नया रूप

पीएम गतिशक्ति परियोजना के तहत सभी प्रमुख ढांचागत परियोजना का उल्लेख

  • भारत सरकार ने बजट 2022-23 में विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े ढ़ांचागत विकास परियोजनाओं के लिए 107 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है।
  • पीएम गति शक्ति परियोजना की मदद से देश के बुनियादी ढांचे को एक नया रूप दिया जाएगा।
  • पीएम गति शक्ति योजना के अंतर्गत रेल और सड़क सहित कुल 16 मंत्रालयों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इसका लक्ष्य इन सभी मंत्रालयों की प्रमुख विकास परियोजनाओं के लिए समन्वय स्थापित करना है। एक मंत्रालय की परियोजना को ध्यान में रखते हुए दूसरे मंत्रालय उसके साथ तालमेल कर सकेगा।
  • वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2022-23 को पेश करते हुए पहली बार पीएम गतिशक्ति परियोजना के तहत सभी प्रमुख ढांचागत परियोजना का उल्लेख किया है। इस परियोजना के अंतर्गत अगले तीन सालों में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें चलाने, वहीं 100 पीएम गति शक्ति कॉर्गो टर्मिनल बनाने, नेशनल हाईवेज का निर्माण, पर्वतीय क्षेत्र के लिए पर्वतमाला परियोजना जैसी तमाम बड़े ढांचगत विकास की योजनाओं को शामिल किया गया है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 13 अक्तूबर को इस योजना को लांच किया था। पहली बार बजट में प्रमुख ढांचागत विकास योजनाओं को इससे जोड़ा गया है। योजना के लांचिंग के समय प्रधानमंत्री नेकहा था, ‘यह नेशनल मास्टर प्लान 21वीं सदी के भारत को गति शक्ति देगा।
  • अगली पीढ़ी के इन्फ्रास्ट्रक्चर और मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को इस प्लान से गति मिलेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सरकारी नीतियों में प्लानिंग से लेकर उसे क्रियान्वित करने तक यह गति शक्ति नेशनल प्लान सही जानकारी और सटीक मार्गदर्शन करेगा।

पर्वतमाला: राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम

  • वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में परंपरागत सड़कों के विकल्प जो पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ हों, को वरीयता दी जा रही है, पीपीपी मोड के अंतर्गत एक राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम चलाया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य संपर्क में सुधार लाना है और आने-जाने वाले लोगों के लिए सुविधा प्रदान करना है जोकि पर्यावरण को बढ़ावा देने के अलावा है। इसमें सघन आबादी वाले ऐसे शहरी क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा जहां कि परंपरागत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था संभव नहीं है।
  • उन्होंने कहा कि वर्ष 20222-23 में 8 रोपवे परियोजनाओं, जिनकी कुल लंबाई 60 किलोमीटर होगी, के लिए अनुबंध दिए जाएंगे। उत्तराखंड में कई रोपवे प्रोजेक्ट पर काम चल रहे हैं और कई योजनाएं प्रस्तावित हैं।
  • उत्तराखंड में जिन इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी संभव नहीं है, वहां पर रोपवे के माध्यम से जोडऩे का काम लगातार किया जा रहा है। चारधाम यात्रा को मजबूती देने के लिए गौरीकुंड से केदारनाथ तक भी रोपवे प्रोजेक्ट योजना प्रस्तावित है। इसके अलावा मसूरी-देहरादून रोपवे प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
  • वित्त मंत्री ने कहा कि क्षमता निर्माण आयोग की तकनीकी सहायता से केन्द्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और उनकी इन्फ्रा एजेंसियों की कार्य क्षमता में सुधार आएगा। उन्होंनें कहा कि इससे पीएम गतिशक्ति अवसंरचना परियोजनाओं के नियोजन, डिजाइन, फाइनेंसिंग (जिसमें नवीन तरीके भी शामिल हैं) और क्रियान्वयन प्रबंधन की क्षमता में वृद्धि हो सकेगी।
  • वर्ष 2022-23 के लिए वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था में समग्र निवेशों को मदद देने के लिए राज्यों की सहायता के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव दिया। यह 50 वर्ष के ब्याज मुक्त ऋण राज्यों के लिए सामान्य उधारी की स्वीकृति से अधिक हैं।

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक सुविधा

  • राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को वर्ष 2022-23 में 25,000 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा
  • सभी हितधारकों को रीयल टाइम सूचना प्रदान कराने के लिए एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) के लिए एकीकृत लॉजिस्टिक इंटर फेस प्लेटफार्म (यूएलआईपी) तैयार होगा
  • वर्ष 2022-23 में पीपीपी मॉडल के माध्यम से चार स्थानों पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना
  • स्थानीय व्यवसाय और आपूर्ति श्रृंखला की सहायता के लिए एक स्थल-एक उत्पाद की अवधारणा को लोकप्रिय बनाने पर जोर
  • 2,000 किलोमीटर के रेल नेटवर्क को कवच योजना के अंतर्गत लाया जाएगा, 400 नई पीढ़ी की वंदे भारत रेलगाडिय़ों का विनिर्माण किया जाएगा
  • अगले तीन सालों में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक सुविधाओं के लिए 100 कार्गो टर्मिनल तैयार किए जाएंगे
  • पर्वतमाला योजना के तहत राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2022-23 में 60 किलोमीटर की 8 रोपवे परियोजनाओं के लिए अनुबंध दिए जाएंगे।