15 दिसंबर से उत्तराखंड राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में ऑफलाइन पढ़ाई

प्राथमिकता ऑनलाइन पढ़ाई

  • देश में करीब दस महीने बाद 15 दिसंबर से राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में ऑफलाइन पढ़ाई हो सकेगी।
  • हालांकि कक्षाओं में आने से पूर्व सभी छात्रों को आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाना होगा। साथ ही कॉलेज खुलने से पहले अभिभावकों को लिखित सहमति भी कॉलेज को देनी होगी।
  • कैबिनेट से कॉलेज खोलने की अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार को उच्च शिक्षा विभाग ने इसकी एसओपी जारी कर दी है।
  • प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन की ओर से जारी एसओपी के अनुसार अब भी प्राथमिकता ऑनलाइन पढ़ाई को ही प्रदान की जाएगी।
  • फिर भी प्रैक्टिकल की अनिवार्यता को देखते हुए, यूजी और पीजी में प्रथम सैमेस्टर और फाइनल सैमेस्टर के छात्र 15 दिसंबर से स्वेच्छा से कॉलेज आ सकेंगे।
  • हालांकि इसके लिए अभिभावकों को कॉलेज खुलने से पहले अपनी लिखित सहमति कॉलेज के पास जमा करनी होगी।

वर्चुअल प्रैक्टिकल लैब का इस्तेमाल

  • थ्योरी वाली कक्षाओं में अब भी ऑनलाइन पढ़ाई ही जारी रहेगी। प्रथम और फाइनल सैमेस्टर में प्रयोग सफल होने के बाद ही दूसरी कक्षाओं के प्रैक्टिकल संचालित हो सकेंगे। जरूरत पड़ने पर कॉलेज वर्चुअल प्रैक्टिकल लैब का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  • उक्त आदेश सभी सरकारी, निजी डिग्री कॉलेजों के साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल, पैरा मेडिकल कॉलेजों पर भी लागू होगा। हालांकि मेडिकल पैरा मेडिकल के लिए एसओपी अलग से जारी होंगी।

कोविड जांच जरूरी

एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले और हॉस्टल में रहने वाले छात्र छात्राओं के साथ ही डे स्कॉलर को भी आरटी- पीसीआर टेस्ट करवाना होगा।

साथ ही कोविड नियमों का उल्लंघन करने पर प्राचार्य, शिक्षक, कर्मचारियों के साथ ही छात्र- छात्राओं के खिलाफ भी कार्यवाही किए जाने का उल्लेख भी आदेश में दर्ज है। छात्रों की सुविधा को देखते हुए, कॉलेज ट्रांसपोर्ट सुविधा दे सकेंगे, लेकिन इसके लिए भी कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा।

वहीं, प्रदेश में  डिग्री कॉलेजों में प्रवेश से पहले  सभी छात्रों के लिए अनिवार्य कोविड जांच के निर्णय पर छात्र संगठनों का सरकार से गतिरोध पैदा हो सकता है। सभी छात्र संगठनों ने कोविड जांच का समर्थन तो किया है, लेकिन जांच का खर्च सरकार से उठाने की मांग की है।

सरकार ने 15 दिसंबर से प्रथम और अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को प्रैक्टिकल के लिए कॉलेज आने की अनुमति दी है। लेकिन अभिभावकों से सहमति और अनिवार्य कोविड जांच की शर्त रखी है। कोविड की आरटीपीसीआर जांच छात्रों को खुद करानी होगी।

छात्र संगठनों को इस पर ऐतराज है। छात्र संगठनों का कहना है कि कोविड काल में छात्रों ने फीस का इंतजाम ही मुश्किल से किया, अब कोविड जांच का खर्च छात्रों की जेब पर न डाला जाए। हालांकि वे सुरक्षा मानकों के पालन को सही करार दे रहे हैं।