नेशनल पेंशन सिस्टम देश में काफी लोकप्रिय विकल्प रिटायरमेंट के बाद की जरूरत

फाइनेंशियल प्लानिंग

  • फाइनेंशियल प्लानिंग में सबसे महत्वपूर्ण होता है, रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बड़ा फंड तैयार करना।
  • अपने जीवन के उस पड़ाव को बिना किन्हीं दिक्कतों के सुखपूर्वक बिताने के लिए यह बहुत जरूरी है।
  • एक व्यक्ति के जीवन में दो स्टेज होती हैं। पहली संचय की स्टेज और दूसरी रिटायरमेंट स्टेज। पहली स्टेज में व्यक्ति अपनी मेहनत से धन का संचय करता है।
  • और दूसरी स्टेज में जब व्यक्ति मेहनत करने में पहले की भांति समर्थ नहीं होता, तो वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए संचय किये गए धन का उपयोग करता है।

प्री-मैच्योर निकासी

एनपीएस में कुछ विशेष परिस्थितियां आने पर प्री-मैच्योर निकासी भी की जा सकती है। एनपीएस के अंतर्गत नया व्यापार शुरू करने, घर खरीदने या बनाने, शादी, बच्चों की पढ़ाई व लिस्टेड बीमारी आदि के लिए ही प्री-मैच्योर निकासी की जा सकती है।

रिटायरमेंट फंड के लिए NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम देश में काफी लोकप्रिय विकल्प है। आइए जानते हैं कि इसके क्या फायदे हैं और यह कैसे काम करता है। नेशनल पेंशन सिस्टम में 18 से 60 साल तक की उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं। देश के करीब सभी सरकारी और निजी बैंकों में जाकर इस योजना के तहत खाता खुलवाया जा सकता है।

  • नेशनल पेंशन सिस्टम म्युचुअल फंड की तरह ही मैनेज होता है। यहां तीन तरह से- इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और गवर्नमेंट सिक्युरिटीज में निवेश होता है।
  • यह सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए है। इसमें निवेशक को अपनी नौकरी के दौरान हर महीने कुछ राशि जमा करानी होती है।
  • निवेशक रिटायरमेंट के बाद तैयार हुए फंड से एक हिस्सा निकाल सकते हैं और शेष रकम से नियमित आय के लिए एनुइटी ले सकते हैं।

घर बैठे खुलवा सकते हैं खाता

  • ग्राहक घर बैठे ओटीपी के माध्यम से नेशनल पेंशन सिस्टम () में अपना खाता खुलवा सकते हैं।
  • इसमें बैंकों के वे ग्राहक (पीओपी के रूप में पंजीकृत), जो अपने बैंक की इंटरनेट बैंकिंग सुविधा के माध्यम से NPS खाता खोलना चाहते हैं, वे अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त कर एनपीएस अकाउंट खुलवा सकते हैं।
  • पीएफआरडीए ई-हस्ताक्षर के माध्यम से ऑनलाइन पेपरलेस एनपीएस खाता खोलने की सुविधा भी दे रहा है।

नेशनल पेंशन सिस्टम के टियर 1 खाते में निवेश से आयकर लाभ मिलता है। कोई भी व्यक्ति जो एनपीएस का ग्राहक है, वह आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत 1.5 लाख रुपये के ग्रोस इनकम का 10 फीसद तक कर कटौती का दावा कर सकता है।

निवेशक को स्वैच्छिक योगदान

  • इस योजना में निवेशक को स्वैच्छिक योगदान की सुविधा मिलती है।
  • इसका मतलब है कि एनपीएस में एक ग्राहक किसी वित्तीय वर्ष में किसी भी समय योगदान कर सकता है और वह राशि बदल सकता है, जिसे वह अलग रखना चाहता है और हर साल बचाता है।
  • इसके अलावा निवेशक का ट्रांसफर होने या शहर बदलने की स्थिति में वह अपने एनपीएस खाते को कहीं से भी संचालित कर सकता है।