लखनऊ लाईट हाउस प्रोजेक्ट का शिलान्यास अगले साल एक जनवरी को मुख्यमंत्री योगी करेंगे

प्रदेश सरकार की ओर फ्लैट अनुदान

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ ()के 1040 शहरी गरीबों को मात्र पौने पांच लाख में 415 स्क्वायर फिट एरिया का फ्लैट सौंपेंगे।
  • इसकी कुल कीमत 12 लाख 59 हजार होगी, इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से सात लाख 83 हजार रुपए अनुदान के रूप में दिए जाएंगे।
  • शेष धनराशि चार लाख 76 हजार ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लाभार्थी को देने होंगे।

ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया

  • फ्लैट का आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अनुसार किया जाएगा और डूडा के माध्यम से डीएम की अध्यक्षता में खुली लॉटरी कराई जाएगी।
  • देश में ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया (जीएचटीसी इण्डिया) तकनीकी के तहत 14 राज्यों ने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार में शहरी कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए आवेदन किया था। 
  • इसमें छह राज्यों मध्य प्रदेश में इंदौर, गुजरात में राजकोट, तमिलनाडु में चेन्नई, झारखंड में रांची, त्रिपुरा में अगरतला और उत्तर प्रदेश में लखनऊ को लाईट हाउस प्रोजेक्ट के तहत आवास बनाने के लिए चुना गया है।
  • शहीद पथ स्थित अवध विहार योजना में प्रस्तावित लाईट हाउस प्रोजेक्ट (एलएचपी) के निर्माण के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।
  • प्रोजेक्ट का शिलान्यास अगले साल एक जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी शिलान्यास कार्यक्रम स्थल पर रहेंगे।
  • एलएचपी का क्रियान्वयन 34.50 वर्ग मीटर कारपेट एरिया में किया जा रहा है। जिसके तहत 14 मंजिला टावर बनेगा और उसमें 1040 फ्लैट कमजोर वर्ग के लोगों को मिलेंगे।

15 माह में पूरा होगा निर्माण

  • प्रदेश सरकार भवन निर्माण सम्बन्धित अनुसंधान संस्थाओं, छात्रों, प्रौद्योगिक संस्थाओं, वास्तुविदों और अभियंताओं में नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।
  • प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में नई तकनीक का प्रयोग किया जाएगा, जिस कारण निर्माण कार्य मात्र 15 माह में पूरा हो सकेगा।
  • एलएचपी निर्माण क्षेत्र को बदलकर रख देगा, क्योंकि यह निर्माण की एक नई गति का विकास करेगा और प्री फैब्रिकेटेड वस्तुओं के प्रयोग से निर्माण ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल होगा।
  • 12 लाख 59 हजार में भारत सरकार साढ़े पांच लाख रुपए अनुदान देगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ़ लाख, टेक्निकल इनोवेशन ग्रांट (टीआईजी) के तहत चार लाख।
  • जबकि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख और टीआईजी के तहत एक लाख 33 हजार रुपए दिए जाएंगे।