भारत अखंडता का बचाव करने के लिए किसी भी दुस्साहस का मुकाबला करने और हराने के लिए तैयार है – रक्षा मंत्री

वैश्विक खतरा

  • भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर नौ महीने से गतिरोध है. 
  • कई स्तरों पर वार्ताओं के बावजूद, कोई सफलता नहीं मिली है और गतिरोध जारी है. पिछले महीने, दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विवादित क्षेत्रों में फ्रंटलाइन सैनिकों को शीघ्र पीछे हटाने पर सहमत हुए.
  • भारतीय और चीनी सैन्य अधिकारियों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी सीमा विवाद को हल करने के लिए नौ दौर की बातचीत की है.

विमानन प्रदर्शनी

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत कई मोर्चों पर खतरों और चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन हम सतर्क है और किसी भी दुस्साहस का मुकाबला करने के लिए तैयार है.
  • उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना अपने भाषण में कहा कि यहां द्विवार्षिक ‘एयरो इंडिया’ शो और विमानन प्रदर्शनी के उद्घाटन के मौके पर भारत स्टेट स्पॉन्सर्ड और स्टेट इन्फ्लिक्टेड आतंकवाद(State Inflicted Terrorism) का शिकार भी है, जो अब एक वैश्विक खतरा है.

क्षेत्रीय अखंडता का बचाव

चीन के साथ देश की उत्तरी सीमाओं पर तनातनी के बारे में उन्होंने कहा, “हम लंबे समय से अनसुलझे सीमा विवादों के साथ यथास्थिति को जबरन बदलने के दुर्भाग्यपूर्ण प्रयासों को देखते आए हैं.” रक्षा मंत्री ने कहा, “भारत सतर्क है और हर कीमत पर हमारे लोग क्षेत्रीय अखंडता का बचाव करने के लिए किसी भी दुस्साहस का मुकाबला करने और हराने के लिए तैयार है.”

  • दोनों देशों ने अपने देशों के नेताओं के बीच आम सहमति का पालन करने, बातचीत की अच्छी गति बनाए रखने, और सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए कोर कमांडर लेवल मीटिंग के 10वें दौर का आयोजन करने पर सहमति व्यक्त की है.
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज जब दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है और हमारे सामने एक नया वर्ल्ड ऑर्डर उभर रहा है. हमें अपने न्यू इंडिया के लिए नए लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना है.