23 वें दिन किसानों का आंदोलन जारी इस बीच, PM मोदी मध्यप्रदेश के किसानों को संबोधित कर रहे हैं

कृषि कानूनों को लेकर देश में लगातार 23 वें दिन किसानों का आंदोलन जारी है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश के किसानों को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान वे नए कृषि कानूनों के बारे में चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री एक बार फिर कृषि कानूनों के बारे में फैले भ्रम पर स्थिति को साफ करने की कोशिश कर सकते हैं।

सही भंडारण न होने पर किसानों को होता है नुकसान

  • आज इस कार्यक्रम में भंडारण-कोल्ड स्टोरेज से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ है।
  • ये बात सही है कि किसान कितनी भी मेहनत कर ले, लेकिन फल-सब्जियां-अनाज का अगर सही भंडारण न हो, सही तरीके से न हो, तो उसका बहुत बड़ा नुकसान होता है।

भारत का किसान अब और पिछड़ेपन में नहीं रह सकता

  • दुनिया के बड़े-बड़े देशों के किसानों को जो आधुनिक सुविधा उपलब्ध है, वो सुविधा भारत के भी किसानों को मिले, इसमें अब और देर नहीं की जा सकती।भारत की कृषि, भारत का किसान, अब और पिछड़ेपन में नहीं रह सकता।
  • मैं देश के व्यापारी जगत, उद्योग जगत से आग्रह करूंगा कि भंडारण की आधुनिक व्यवस्थाएं बनाने में, कोल्ड स्टोरेज बनाने में, फूड प्रोसेसिंग के नए उपक्रम लगाने में अपना योगदान, अपना निवेश और बढ़ाएं। ये सच्चे अर्थ में किसान की सेवा करना होगा, देश की सेवा करना होगा।

25-30 साल पहले हो जाने चाहिए थे ये काम

  • बीते कई दिनों से देश में किसानों के लिए जो नए कानून बने, उनकी बहुत चर्चा है। ये कृषि सुधार कानून रातों-रात नहीं आए।
  • पिछले 20-22 साल से हर सरकार ने इस पर व्यापक चर्चा की है। कम-अधिक सभी संगठनों ने इन पर विमर्श किया है।
  • पिछले 6 साल में हमारी सरकार ने किसानों की एक-एक जरूरत को ध्यान में रखते हुए काम किया है।
  • तेजी से बदलते हुए वैश्विक परिदृष्य में भारत का किसान, सुविधाओं के अभाव में, आधुनिक तौर तरीकों के अभाव में असहाय होता जाए, ये स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती।
  • पहले ही बहुत देर हो चुकी है। जो काम 25-30 साल पहले हो जाने चाहिए थे, वो अब हो रहे हैं।