भारत सरकार ने हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां और पहल की – रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दौरान यह भी कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र के सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के बीच सुरक्षा, वाणिज्य, कनेक्टिविटी, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग विदेशी कंपनियों के लिए एक आकर्षक और महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है, ताकि आपूर्ति श्रृंखला में नए स्तरों पर उनका सहयोग लिया जा सके। भारत विभिन्न प्रकार के मिसाइल सिस्टम, LCA / हेलीकाप्टर, मल्टी-पर्पस लाइट ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, युद्धपोत और गश्ती पोत, आर्टिलरी गन सिस्टम, टैंक, रडार, सैन्य वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और अन्य हथियार प्रणालियों को हिंद महासागर क्षेत्र के देशों को आपूर्ति करने के लिए तैयार है।

हिंद महासागर क्षेत्र के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेंगलुरु में हिंद महासागर क्षेत्र के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में कहा कि भारत क्षेत्र देशों को रक्षा उपकरणों की आपूर्ति करने के लिए तैयार है।
  • साथ ही उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत सबसे बड़ा देश है और भारत की 7,500 किलोमीटर की विशाल तट रेखा है।
  • इस क्षेत्र के सभी देशों के शांतिपूर्ण और समृद्ध सह-अस्तित्व के लिए भारत को सक्रिय भूमिका निभानी है।
  • उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सागरमाला, प्रोजेक्ट मौसम और एशिया अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर आदि जैसे कई नीतियां और पहल की हैं।