बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन चार से 20 फरवरी तक

बीजिंग : विंटर ओलंपिक आज से शुरू

  • भारतीय राजनयिक शुक्रवार को बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के भव्य उद्घाटन समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे जिसे चीन के शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के कारण अमेरिका और उनके सहयोगियों के राजनयिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है.
  • शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन चार से 20 फरवरी तक होगा जबकि शीतकालीन पैरालंपिक खेल चार से 13 मार्च तक होंगे.
  • एक पखवाड़े तक चलने वाले शीतकालीन ओलंपिक की शुरुआत की घोषणा राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे. अमेरिका, यूरोपीय यूनियन और कई पश्चिमी देशों ने उद्घाटन समारोह के राजनयिक बहिष्कार का फैसला किया है. इस बीच कोविड-19 संक्रमण का खतरा भी बरकरार है. शुक्रवार को होने वाले उद्धाटन समारोह से पहले जिनपिंग ने कहा कि चीन सुरक्षित और शानदार शीतकालीन ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा.
  • जिनपिंग ने कहा, ‘चीन दुनिया के सामने सुरक्षित और शानदार खेलों के आयोजन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा और ओलंपिक सिद्धांत ‘सबसे तेज, उच्चतम, सबसे मजबूत-एक साथ’ पर काम करेगा.’ चीन के अधिकारियों को उम्मीद है कि भारतीय राजनयिक शीतकालीन खेलों के उद्घाटन और समापन समारोह में हिस्सा होंगे क्योंकि रूस, भारत और चीन (आरआईसी) के विदेश मंत्रियों ने पिछले साल छह नवंबर को संयुक्त बयान में कहा था कि मंत्री बीजिंग में 2022 शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए चीन का समर्थन करते हैं.
  • चीन ने हालांकि उकसाने वाला काम करते हुए बुधवार को की फाबाओ को खेलों की मशाल रिले में मशाल धारक के रूप में पेश किया था. पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के रेजीमेंटल कमांडर फाबाओ जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ झड़प में घायल हो गए थे.
  • फाबाओ के मशाल रिले में हिस्सा लेने को यहां आधिकारिक मीडिया ने सुर्खियां बनाया था. दिल्ली में भारत ने गुरुवार को घोषणा की कि बीजिंग में भारतीय दूतावास के मामलों के प्रमुख 2022 शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन या समापन समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे, क्योंकि चीन ने गलवान घाटी झड़प में शामिल सैन्य कमांडर को इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता का मशाल धारक बनाकर सम्मानित किया है.
  • विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बाग्ची ने चीन के इस कदम को ‘खेदजनक’ करार दिया. बीजिंग में आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया गया है कि भारतीय दूतावास से कोई भी समारोह में हिस्सा नहीं लेगा. शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा ले रहा भारत का छह सदस्यीय दल हालांकि अन्य देशों के खिलाड़ियों के साथ उद्घाटन समारोह का हिस्सा होगा.