राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के इस्तेमाल किए कटोरी -चम्मच की नीलामी

10 जनवरी को कटोरी -चम्मच की नीलामी

  • राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने जो एक छोटी कटोरी, लकड़ी के दो चम्मच और लकड़ी का एक कांटा इस्तेमाल किए थे, वो ब्रिटेन के ब्रिस्टल में 10 जनवरी को नीलाम होने जा रहे हैं.
  • इन चीज़ों की शुरुआती कीमत 55 हजार ब्रिटिश पाउंड तय की गई है. नीलामी कमीशन, जीएसटी, इंश्योरेंस, किराया और भारतीय कस्टम ड्यूटी समेत भारत में इनकी शुरुआती कीमत तकरीबन 1.2 करोड़ रुपए हो सकती है.
  • अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि गांधी जी की इन चीज़ों की कीमत 80 हजार ब्रिटिश पाउंड तक लगाई जा सकती है, यानि भारत में इनकी कीमत तकरीबन 2 करोड़ रुपए बैठ सकती है.
  • हालांकि किसी भी नीलामी में बोलियां कहां तक जाएंगी, इसपर पहले से कुछ कहना मुश्किल होता है.

ऐतिहासिक कलाकृति

इस सैट का सारा सामान गांधी जी इस्तेमाल किया करते थे और ये सुमति मोरारजी ने अपने पास संभाल कर रखा हुआ था, जो लंबे समय तक गांधी जी के काफी नज़दीक रहे और उन्होंने गांधी जी का कई मौकों पर ध्यान रखा. इन सामानों का जिक्र उन्होंने अपनी एक किताब में भी किया है. नीलामी करने वालों ने कहा है कि ये न सिर्फ गांधी जी बल्कि भारत के इतिहास से संबंधित ऐतिहासिक कलाकृतियां हैं.

इस्तेमाल की गईं चीजों की नीलामी बहुत रेयर

  •  कई बार ऐसा भी होता है कि अनुमान से 2 या तीन गुना ज़्यादा कीमत मिल जाती है. ग्लोबल ऑनलाइन नीलामी के मामले में ये बात और भी ज़्यादा सच साबित होती है.
  • गांधी जी की विरासत-चिट्ठियां, किताबें, तस्वीरें, पेंटिंग, सैंडल, चश्मे और दूसरी कई चीजें-दुनियाभर में संग्रह करने वाले लोगों और संस्थाओं को आकर्षित करती रही हैं.
  • हालांकि गांधी जी की तरफ से इस्तेमाल की गईं चीजों की नीलामी बहुत रेयर है.
  • कटोरी, चम्मचों का ये सैट बहुत अहम है, जो महात्मा गांधी के एक मशहूर अनुयायी सुमति मोरारजी के संग्रह में रही है.
  • ईस्ट ब्रिस्टल के नीलामी करने वालों (Auctioneer) की तरफ से कहा गया है कि गांधी जी ने पुणे के आगा खान पैलेस में 1942 से 1944 के बीच और फिर मुंबई के पाम बन हाउस में इस कटलरी सेट का इस्तेमाल किया था.
  • ये कटोरा सिंपल मेटल का बना हुआ है, जिसके बेस में 208/42 प्रिटेंड है. कटलरी सैट में एक लकड़ी का कांटा और दो नक्काशीदार लकड़ी के चम्मच भी हैं जो ट्रेडिशनल और काफी सिंपल हैं.