चौरी चौरा कांड के शताब्दी वर्ष समारोह का नई दिल्ली से ऑनलाइन उद्घाटन PM मोदी ने किया

चौरी चौरा कांड के 100 साल पूरे

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौरी चौरा कांड के शताब्दी वर्ष समारोह का नई दिल्ली से ऑनलाइन उद्घाटन किया।
  • चौरी चौरा कांड के 100 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने डाक टिकट और विशेष आवरण भी जारी करेंगे।
  • यूपी की राज्यपाल यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कार्यक्रम में वर्चुअली शिरकत की, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य समारोह स्थल चौरी चौरा से वर्चुअली जुड़े। अभी सीएम योगी समारोह को संबोधित कर रहे हैं।

योगी सरकार पहली ऐसी सरकार है, जिसने चौरी चौरा के शहीदों को सम्मान दिया है। योगी सरकार चौरी चौरा कांड को यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश दे चुकी है। यह समारोह एक साल तक प्रदेश के शहीद स्मारकों पर मनाया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए रंगोली, भाषण समेत कई प्रकार की प्रतियोगिताएं व कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

असहयोग आंदोलन वापस लेने का कारण

  • महात्मा गांधी के आह्वान पर शुरू हुए असहयोग आंदोलन के समर्थन में 4 फरवरी 1922 को चौरी-चौरा कस्बे में लोग जुलूस निकाल रहे थे।
  • इस दौरन पुलिस ने उन पर फायरिंग कर दी, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हुए। इससे जनाक्रोश भड़क गया।
  • आक्रोशित लोगों ने थाने को बाहर से कुंडी लगाकर आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे।
  • महात्मा गांधी ने इस घटना के बाद असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। बाद में चौरी चौरा कांड के जिम्मेदार 172 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई थी।
  • वकील पंडित मदन मोहन मालवीय ने इन लोगों की तरफ से पैरवी की। 151 लोग फांसी की सजा से बच गए, लेकिन 19 लोगों को फांसी पर लटका दिया गया।
  • इन लोगों की याद में चौरी चौरा में शहीद स्मारक बनाया गया था।